कजरारे नैनों वाली प्रिया के गाने को लेकर विवाद पर डायरेक्टर की सफाई, इस्लाम विरोधी नहीं


Feb. 6, 2018, 2:48 p.m.

 

अपने कजरारे नैनों से धूम मचाने वाली प्रिया प्रकाश वारियर इंटरनेट की सनसनी बन गई हैं। नतीजा ये हुआ कि देखते ही देखते प्रिया के इंस्टाग्राम अकाउंट, फेसबुक अकाउंट के आगे ब्लू टिक लग गया यानी उनका अकाउंट वेरिफाइड हो गया और उनके फॉलोअर्स की संख्या 26 लाख से ज्यादा पहुंच गई, लेकिन अब ये गाना प्रिया के लिए मुसीबत बन गया है। जिस गाने से प्रिया चंद घंटों में स्टार बन गईं अब उसी गाने के कारण हैदराबाद के कुछ युवाओं ने प्रिया प्रकाश और प्रोड्यूसर के खिलाफ धर्म विशेष की संवेदना आहत करने के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाया है। अब इस बीच ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा गया अगर हम गाने में कुछ आपत्ति जनक पाते हैं तो इसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराएंगे। इसके बाद फिल्म के डायरेक्टर के साथ खुद प्रिया भी इसके बचाव में सामने आ गई हैं। मुस्लिम युवाओं द्वारा दर्ज FIR में इस गाने को धर्म विशेष के खिलाफ बताया गया है। हालांकि फिल्म के निर्देशक ओमर लूलू ने कहा कि यह गाना इस्लाम विरोधी नहीं है बल्कि यह मोहम्मद साहब की तारीफ करता है। 'यह रोमांटिक गाना नहीं है, बल्कि एक पारंपरिक मुस्लिम गाना है। यह कुछ अवसरों पर गाया जाता है। वीडियो के कुछ दृश्यों के कारण यह रोमांटिक जैसा दिख रहा है। मैं साफ कर दूं कि यह गाना किसी भावनाओं को आहत नहीं कर रहा है। इसमें इस्लाम और मुसलमानों के खिलाफ कुछ भी नहीं है। यह बहुत ही पुराना गाना है, जिसे सभी समुदायों द्वारा गाया जाता है।' 

प्रिया ने कहा, 'इस गाने को देश-विदेश में खूब पसंद किया जा रहा है। हालांकि कुछ मुस्लिमों द्वारा इसका विरोध भी किया जा रहा है। उन्हें लगता है कि यह गाना मोहम्मद साहब और उनकी पत्नी के बारे में है और इससे इस्लाम का अपमान हो रहा है, लेकिन ऐसा मानने वाले लोग केवल मुट्ठीभर हैं। मुझे लगता है कि अब यह गाना अब ज्यादा लोगों के पास पहुंच रहा है।' 

माणिक्य मलराया पूवी का मतलब मोतियों का फूल है जो बेशकीमती होता है। दरअसल मालाबार क्षेत्र में मुस्लिमों द्वारा धार्मिक आयोजनों में यह गीत गाया जाता है। यह गीत पैगंबर मोहम्मद और उनकी पत्नी खदीजा की प्रेम कहानी के बारे में है। यही वजह है कि इस गाने को पैगंबर मोहम्मद का अपमान बताया जा रहा है।