14 फरवरी को देखिए मोहब्बत की देवी मधुबाला की 14 नायाब तस्वीरें


Feb. 6, 2018, 2:48 p.m.

 

 

कहते हैं  मधुबाला जब मकुराती थी तो  फिल्मी पर्दे पर बहारे खिल उठती थी , ऐसे खूबसूरत.ऐसी मुस्कुराहट देख लाखों लोग मधुबाला पर  कुर्बान हुए। हसीन मधबाला मोहबत का दसूरा नाम थी। वो 1933 का वेलेंटाइंस डे था.और मोहब्बत के इसी दिन हुआ एक ऐसी बच्ची का जन्म जो आगे चलकर मोहब्बत की देवी कहलाई। मुमताज़ जहां बेगम देहलवी... बचपन में यही नाम रखा गया था मधुबाला का। 

जो भी उन्हें देखता उनसे दिल लगा बैठता लेकिन बेपनाह खूबसूरती की इस मल्लिका को भी बेवफाई और तन्हाई मिली। दिल की बीमारी से जूझती हुई बिस्तर पर पड़ी थी तब कोई उन्हें देखने वाला नहीं था। फिल्म इंडस्ट्री से भी कोई मधुबाला से मिलने नहीं आता था। एक ड्राइवर और एक नर्स के भरोसे मधुबाला अकेले कार्टर रोड के बंगले में अपने अपनों का इंतजार करती रही। 

मधुबाला ना सिर्फ गजब की खूबसूरत थीं उन्होंने कई बेहतरीन फिल्मों में काम किया। मुगले आजम, काला पानी, तराना, बरसात की एक रात समेत कई फिल्में है जो मधुबाला को अमर रखेंगी। 

मुमताज ने अभी होश भी नहीं संभाला था कि पिता अताउल्ला खान की नौकरी चली गई अपने 11 बच्चों के साथ वो काम की तलाश में मुंबई आ गए। 



ये 1942 की बात है.9 साल की मुमताज का मासूम चेहरा ना सिर्फ उसकी बल्कि उसके पिता की भी तकदीर बदलने वाला था। इसी साल बेबी मुमताज़ ने फिल्म बसंत के इस सीन से फिल्मी दुनिया में पहला कदम रखा.बेबी मुमताज ने कई फिल्मों में काम किया और कम उम्र में ही परिवार की ज़िम्मेदारी संभाल ली... 

बस पांच साल बाद ही बेबी मुमताज़ के लिए अब एक नया नाम इंतज़ार कर रहा था मधुबाला.देविका रानी ने बेबी मुमताज़ को नाम दिया मधुबाला.और बतौर हीरोईन मधुबाला की पहली फिल्म थी नीलकमल.बेबी मुमताज़ अब शोख मधुबाला बन गई थीं। 
 


लेकिन मधुबाला की असली तकदीर पलटी 1949 में जब रीलीज़ हुई महल। मधुबाला की अदाओं ने पूरे हिंदुस्तान मे धूम मचा दी, उनकी सिर्फ एक अदा पर ना जाने कितने लोगों की आह निकल जाती। मधुबाला फिल्मी दुनिया के आसमान में एक सितारे की तरह चमक रही थी... और हर किसी को याद आ रही थी एक भविष्यवाणी, जो एक कश्मीरी फकीर ने मधुबाला के लिए बचपन में की थी...उसने कहा था कि ये लड़की दुनिया भर में बहुत नाम करेगी, बहुत पैसे कमाएगी लेकिन उस कश्मीरी फकीर ने मधुबाला के बारे मे एक भविष्यवाणी और की थी वो ये कि - दौलत-शोहरत चाहे कितनी भी हो, इस लड़की की किस्मत में सिर्फ दर्द लिखा होगा। 


 
दौलत और शोहरत की भविष्यवाणी तो सच साबित हुई, अब बारी आ गई थी दर्द वाली भविष्यवाणी की वो 1950 का साल था... मधुबाला बीमार पड़ी और तब खुला उनके जन्म से जुड़ा एक गहरा राज़.जिस बेपनाह खूबसूरत, बला की मासूम, बेहद चुलबुली मधुबाला को देखकर आज तक लोगों का दिल धड़कता है खुद उसके दिल में बचपन से एक छेद था उस दौर में ये एक लाइलाज बीमारी थी ना जाने मधुबाला को किस की नज़र लग गई थी।
 

मधुबाला के दिल में तो कुदरत ने सिर्फ एक सुराख देकर भेजा था, लेकिन अब दुनिया उनके दिल  में दर्द के नश्तर से सुराख करने वाली थी 

48 साल पहले दिल की बीमारी ने मधुबाला से उनकी सांसे छीन ली थीं। मधुबाला की ज़िंदगी में उनके करीब लोग रहे लोग कहते हैं कि खूबसूरती की उस मल्लिका को उसके दिल की बीमारी ने नहीं, बल्कि उसके ग़मों ने मार डाला उसके टूटे दिल ने ख़त्म कर दिया। 

मधुबाला का दिल टूटा। उनके दिल के छेद ने उनकी सांसे रोक दीं...लेकिन मधुबाला, हमेशा अपने चाहने वालों के दिलों में ज़िंदा रही हैंकभी मधुबाला सुपर स्टार थी। चाहने वालों और कद्रदानों  से घिरी रहती थी। हिंदी सिनेमा के कई स्टार्स मधुबाला के प्यार में पड़े जिनमें से एक प्रेमनाथ भी थे .लेकिन प्रेमनाथ के साथ मधुबाला शादी नहीं कर पाई और बहुत जल्द इस प्रेम कहानी का अंत हो गया।  गमगीन मधुबाला को दिलीप कुमार केकंधो का सहारा मिला। दिलीप कुमार और मधुबाला ने एक साथ 6 सुपर फिल्में की...लेकिन सबसे यादगार रही मुगले आजम। लेकिन मुगले आजम के दौरान ही दिलीप और मधुबाला अलग हो गए...फिल्म के कई रोमांटिक सीन तब फिल्माएं गए जब दोनों के बीच बातचीत भी बंद थी।

 दिलीप कुमार और मधुबाला के बीच दूरी की वजह बनी फिल्म नया दौर। इस फिल्म की आउट डोर शूटिंग होनी थी लेकिन मधुबाला के पिता इसके सख्त खिलाफ थे। बात कोर्ट तक पहुंच गई और कोर्ट में दिलीप कुमार ने प्रोड्यूसर डायरेक्टर बी आर चोपड़ा का साथ दिया और यहीं अलग हो गई बॉलीवुड की एक हसीन जोड़ी। 

बाद के दिनों में मधुबाला ने किशोर कुमार से शादी कर ली। मधुबाला अपने आखिरी दिनों में दिलीप कुमार से मिलना चाहती थी लेकिन वो भी मधुबाला से मिलने नहीं पहुंच सके। आखिरी दिनों में मधुबाला के पास इलाज के लिए भी पैसे पूरे नहीं पड़ते थे। वो पूरी तरह किशोर कुमार के भेजे पैसों पर थीं । कहते है परिवार की तंग हालत और गंभीर होती दिल की बीमारी की वजह से आखिरी दिनों में चिड़चिड़ी हो चुकी थीं मधुबाला।

कभी खूबसूरती की मिसाल मानी जाने वाली मधुबाला इतनी दुबली और पीली पड़ गई थी वो आईने के सामने बैठने से भी कतराती थी। किशोर अपनी गायिकी में व्यस्त रहते और मधुबाला अपनों का  इंतजार करती दुनिया से रूखसत हो गई।  बेपनाह खूबसूरत मधुबाला की कहानी सिर्फ 36 की रही। 23 फरवरी 1969 की रात मधुबाला के लिए आखिरी रात साबित हुई। दिल की बीमारी इतनी भारी पड़ी की टूट गई सांसों की डोर और खत्म हो गई बॉलीवुड सबसे खूबसूरत हीरोइन जिंदगी और वो एक दास्तां बनकर रह गई।